Mera Janam Din Essay

नमस्कार मित्र!

आप इस तरह से अपने जन्मदिन पर निबंध लिख सकते हो-

 

हर मनुष्य के लिए उसका जन्मदिन बहुत खास दिन होता है। इस दिन को और खास बनाने के लिए वह बहुत प्रकार के उपाय करता है। वह इस दिन घर पर पूजा रखवाता है। अपने घर पर भोज का आयोजन करता है, जिस पर वह अपने सभी सगे-संबंधियों और मित्रों का आमंत्रित करता है। वह इस दिन मंदिर में जाकर भगवान का आशीर्वाद भी लेता है। बड़े-बूढ़ो का आशार्वाद भी लेना नहीं भूलता।

मैं अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र हूँ। मेरा भी जन्मदिन हर वर्ष मनाया जाता है। माँ-पिताजी मेरा जन्मदिन पूरे धूमधाम से मनाते हैं। बहुत बड़े भोज का आयोजन किया जाता है। घर में सुबह से ही चहल-पहल आरंभ हो जाती है। ग्यारह पंड़ितों द्वारा पूजा-हवन कराया जाता है। उन्हें दान-दक्षिणा भी दी जाती है। माँ-पिताजी इस दिन मेरी हर कामना पूरा करने का प्रयास करते हैं।

लेकिन इस बार का जन्मदिन बहुत खास था। मेरे घर के पास एक अनाथालय था। वहाँ की एक लड़की  मेरी अच्छी दोस्त बन गई थी। मैं उनके साथ खेलता था। मेरी कोई बहन नहीं थी। अत: मुझे हमेशा लगता था कि काश मुझे कोई राखी बाँधने वाली बहन होती। उससे मिलने के बाद मेरी कलाई में भी राखी बाँधने वाली आ गई थी। उसे अनाथालय में देखकर मुझे बहुत दुख होता था। मैं हमेशा से यही सोचा करता था कि वह मेरे घर पर आ जाती। परन्तु मैं कुछ कर नहीं सकता था। एक दिन वह बहुत बीमार पड़ गई। वह मुझसे मिलने भी नहीं आई। इस कारण में दुखी रहने लगा। मेरा जन्मदिन पास आ रहा था। माँ मेरे दुख का कारण जान गई थी। उन्होंने पिताजी से मेरे दुख के विषय में कहा।

अपने जन्मदिन वाले दिन जब में उठा तो देखकर दंग रह गया। वह लड़की मेरे घर पर हमारे परिवार के रूप में विद्यमान थी। पिताजी और माताजी ने उसे गोद ले लिया था। मेरा जन्मदिन का दिन भी उसका जन्मदिन मनाया गया। हमने उसका अल्का नया नाम रखा गया। मैं अपने जन्मदिन के दिन अकेला पूजा में नहीं बैठा। मेरी बहन अल्का भी मेरे साथ थी। हम दोनों ने रात को साथ में केक काटा और खूब मौज़-मस्ती की। माँ-पिताजी की तरफ से यह बहुमूल्य तोहफा था, मेरे जन्मदिन का।  

9 ,दसमेश पूरा,

करोल बाग़ 

नई दिल्ली - 110005 

जनवरी 8 - 2017

 विषय : मित्र को जन्मदिन पर बधाई पत्र 

प्रिय अमन,

        तुम्हारा जन्मदिन 7 अगस्त को है। ईश्वर करे यह दिन तुम्हारे जीवन में बार-बार आये। मै तुम्हारे जन्मदिन पर तुम्हे व्यक्तिगत रूप से बधाई देना चाहता था। परन्तु उस दिन मुझे एक आवश्यक कार्य है जिसे मै छोड़ नहीं सकता। जिसके बारे में मै तुम्हे मिलने पर बताऊंगा। 

        मैंने तुम्हारे लिए उपहार है। क्या तुम यह अनुमान लगा सकते हो की यह क्या है ? अनुमान लगाते रहो जब तक की यह तुम्हे मिल  जाये। मै उसे पत्रवाहक द्वारा 7 अगस्त को भेज दूंगा। 

        एक बार फिर से जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। 

तुम्हारा शुभचिंतक 

राकेश 


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