Essay On Mera Priya Pakshi In Hindi

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हमारा राष्ट्रीय पक्षी मोर है। मोर दिखने में बहुत सुन्दर होता है। उसके शरीर का हर एक अंग उसकी सुंदरता पर चार चाँद लगाता है।

उसका शरीर नीले रंग का होता है। और पंखों में ना जाने कितने रंग होते हैं। जैसे हरा नीला गुलाबी बैगनी।  उसके पंख बड़े -बड़े होते हैं। और जब मोर अपना पंख खोलता है तो वह और भी सुन्दर लगता है।

उसकी आँखे लम्बी और खूबसूरत होती हैं। यह कार्तिक भगवान का वाहन भी है।  यह कृष्ण भगवान का एक रूप भी है। जब मोर अपने पंख खोलता है तो वह एक अदभुत नजारा होता है।  हमारे देश में मोर रांची बिहार मथुरा वाराणसी और राजस्थान के इलाकों में ज्यादा संख्या में पाये जाते हैं। इनका शरीर बड़ा और भारी होता है।  जिसके कारण यह ज्यादा ऊंचाई तक उड़ नहीं पाते हैं।  यह दान बीज आदि खातें हैं।  कहा जाता है की यह सांप भी खाता है। मगर इनपे सांप के विष का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यह बहुत शान से राजा की तरह चलता है। इनकी खुबिंया तो बहुत हैं जिनमे से कुछ नीचे लिखा हुआ है।

यह बारिश होने का अंदाजा लगा लेता है।  उसके तन का एक बहुत महत्वपूर्ण अंग जो की पंख है। हिन्दू संस्कृति में माना जाता है की इसके पंख घर में रखने से सुख शम्पत्ति का लाभ होता है।  लोग इसके पंख को किताब में निशान के लिए प्रयोग करते हैं।

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Short Essay on 'My Favourite Bird' in Hindi | 'Mera Priya Pakshi' par Nibandh (124 Words)

Short Essay on 'My Favourite Bird' in Hindi | 'Mera Priya Pakshi' par Nibandh (124 Words)
मेरा प्रिय पक्षी

मेरा प्रिय पक्षी तोता है। तोता एक बहुत सुन्दर पक्षी है। इसके पंख हरे रंग के होते हैं। इसकी एक लाल रंग की चोंच होती है। इसकी चोंच मुड़ी हुई होती है। तोते की गरदन पर काले रंग के वृत्त होते हैं। कुल मिलाकर यह एक बेहद आकर्षक पक्षी होता है। यह दाने, फल, पत्ते, बीज, आम एवं उबले चावल इत्यादि खाता है।

तोता बोलने वाला पक्षी है। यह मनुष्य की आवाज़ बोल सकता है। यह लगभग सभी गर्म देशों में पाया जाता है। तोता सामान्यतया पेड़ों के बिल में रहता है। कुछ लोग इस पक्षी को छोटे पिंजरे में बंद कर रखते हैं जो कदापि उचित नहीं है। कुछ लोग तोते को अद्भुत चीजों के लिए प्रशिक्षित भी करते हैं।
 

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